Home Rent Rules 2026: किराएदारों के लिए जरूरी खबर, HRA और TDS के नियम बदले

Home Rent Rules 2026: किराए के मकान में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए 2026 में आयकर से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है। Income-tax Rules, 2026 में HRA की गणना से जुड़ी 50 प्रतिशत वाली सीमा अब चार और शहरों में लागू की गई है। इसके अलावा ज्यादा किराया देने वालों के लिए TDS का नियम भी लागू है। नए Income-tax Act, 2025 और Income-tax Rules, 2026 को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया है।

HRA को लेकर 2026 में क्या बदला?

किराए के घर में रहने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलने वाले House Rent Allowance (HRA) पर कर छूट की गणना में 50 प्रतिशत वेतन की सीमा पहले चार शहरों के लिए थी। 1 अप्रैल 2026 से इसमें चार और शहर जोड़ दिए गए हैं। अब कुल 8 शहरों में 50 प्रतिशत वेतन की सीमा के आधार पर HRA की गणना की जाती है।

शहरHRA में अधिकतम सीमा
मुंबईवेतन का 50%
कोलकातावेतन का 50%
दिल्लीवेतन का 50%
चेन्नईवेतन का 50%
बेंगलुरुवेतन का 50%
हैदराबादवेतन का 50%
पुणेवेतन का 50%
अहमदाबादवेतन का 50%

इन शहरों के अलावा अन्य जगहों के लिए HRA की गणना में वेतन का 40 प्रतिशत लिया जाता है।

HRA की छूट कैसे तय होगी?

HRA में मिलने वाली कर छूट किसी एक रकम के आधार पर तय नहीं होती। इसके लिए तीन रकमों को देखा जाता है और इनमें से सबसे कम रकम छूट के लिए मानी जाती है।

  • कर्मचारी को मिला वास्तविक HRA
  • दिए गए किराए में से वेतन का 10 प्रतिशत घटाने के बाद बची रकम
  • संबंधित जगह के अनुसार वेतन का 50 प्रतिशत या 40 प्रतिशत

यह बदलाव पुराने कर ढांचे में HRA की गणना पर लागू है।

HRA लेने के लिए वास्तव में किराया देना जरूरी

सिर्फ HRA मिलना ही कर छूट के लिए पर्याप्त नहीं है। आयकर विभाग के अनुसार कर्मचारी जिस घर में रह रहा है, वह उसके अपने नाम का नहीं होना चाहिए और कर्मचारी को उस घर का वास्तविक किराया देना चाहिए। अगर कर्मचारी अपने ही घर में रहता है या किराया नहीं देता, तो HRA की छूट नहीं मिलती।

2026 में HRA से जुड़ी एक और नई जानकारी

Income-tax Rules, 2026 के तहत HRA से जुड़े दावे में मकान मालिक के साथ संबंध की जानकारी भी देनी होगी। इसके लिए 2026 के नियमों में Form 124 का प्रावधान किया गया है।

ज्यादा किराया देने पर TDS का नियम

किराए से जुड़ा दूसरा महत्वपूर्ण नियम TDS का है। अगर कोई व्यक्ति या HUF किसी निवासी को मकान या जमीन के इस्तेमाल के लिए ₹50,000 से ज्यादा मासिक किराया देता है, तो 2 प्रतिशत TDS काटना होता है।

इसे आसान तरीके से ऐसे समझें:

मासिक किरायाTDS
₹50,000 तकइस प्रावधान के तहत TDS नहीं
₹50,000 से ज्यादा2%

यह नियम उस स्थिति में लागू होता है जब किराया किसी निवासी व्यक्ति को दिया जा रहा हो।

TDS कब काटना होता है?

किराए पर लगने वाला TDS हर महीने काटना जरूरी नहीं है। अगर किरायेदारी पूरे वित्त वर्ष तक चलती है तो संबंधित साल के आखिरी महीने के किराए का भुगतान या खाते में जमा करते समय TDS काटा जाता है। अगर मकान साल खत्म होने से पहले खाली कर दिया जाता है, तो किरायेदारी के आखिरी महीने के किराए के समय TDS काटा जाता है।

Home Rent Rules 2026 में क्या बदला, एक नजर में

  • Income-tax Act, 2025 और Income-tax Rules, 2026 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।
  • HRA की 50 प्रतिशत वेतन वाली सीमा अब 8 शहरों में लागू है।
  • बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को इस सूची में जोड़ा गया है।
  • अन्य जगहों के लिए HRA की सीमा 40 प्रतिशत वेतन है।
  • HRA छूट के लिए कर्मचारी को वास्तव में किराया देना जरूरी है।
  • HRA के दावे में मकान मालिक के साथ संबंध की जानकारी देने का प्रावधान है।
  • ₹50,000 से ज्यादा मासिक किराए पर संबंधित स्थिति में 2 प्रतिशत TDS लागू होता है।

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